श्री रावतपुरा सरकार यूनिवर्सिटी में योग एवं मनोविज्ञान के नवीन आयामों पर संगोष्ठी का आयोजन।

रायपुर, 29 जुलाई

श्री रावतपुरा सरकार यूनिवर्सिटी धनेली में “योग एवं मनोविज्ञान के नवीन आयाम” विषय पर व्याख्यान का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता के तौर पर प्रो. (डॉ.) बंशगोपाल सिंह, कुलपति पं. सुंदरलाल शर्मा (मुक्त) विश्वविद्यालय बिलासपुर छत्तीसगढ़ रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता एसआरयू के कुलपति प्रो. (डॉ.) अंकुर अरुण कुलकर्णी ने की।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप जलाकर एवं सरस्वती वंदना तथा गुरुदेव की आराधना के साथ हुआ। मुख्य वक्ता प्रो. (डॉ.) बंशगोपाल सिंह ने योग एवं मनोविज्ञान विषय के क्षेत्र में हो रहे शिक्षण एवं शोध की गुणवत्ता तथा प्रभावशीलता पर प्रकाश डाला।

उन्होंने कहा कि योग दर्शन एवं मनोविज्ञान समकालीन परिप्रेक्ष्य में मानव जीवन, सभ्यता एवं संस्कृति के लिए अपरिहार्य हो गया है। मनोविज्ञान का अध्ययन एवं शोध योग विज्ञान के अध्ययन और शोध को नवीन आयाम प्रदान करता है। उन्होंने योग में मौलिकता बनाए रखने के लिए योग में नये प्रयोग से बचने की सलाह दी।

यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. (डॉ.) अंकुर अरुण कुलकर्णी ने कहा कि वर्तमान समय में योग की मांग बढी है, योग हमारे दिनचर्या का हिस्सा बन गया है। योग से एक स्वस्थ्य शरीर और मन का निर्माण होता है। हम सभी को योग को आत्मसात करना चाहिए।

कार्यक्रम का सफल संचालन योग विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. कप्तान सिंह ने किया। धन्यवाद ज्ञापन कला संकाय के अध्यक्ष डॉ.  भूपेंद्र कुमार साहू ने दिया। इस अवसर पर यूनिवर्सिटी के सभी संकायो के प्राचार्य एवं विभागाध्यक्ष तथा प्राध्यापक एवं बडी़ संख्या में छात्र – छात्राएँ उपस्थित रहे।

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