श्री रावतपुरा सरकार इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी, कुम्हारी ने पाहंदा गांव को गोद लेकर कायम की मिसाल।

दुर्ग,
कुम्हारी स्थित श्री रावतपुरा सरकार इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी (एसआरआईपी) ने बड़ा सामाजिक संदेश देते हुए पाहंदा गांव को गोद लेकर मिसाल कायम की है। फार्मेसी, नर्सिंग, बीएड और स्कूल एजूकेशन को समर्पित श्री रावतपुरा सरकार इंस्टीट्यूट कुम्हारी, दुर्ग जिले का जाना-पहचाना शैक्षणिक संस्थान है।
ये पहली बार है जब किसी फार्मेसी कॉलेज ने किसी गांव को गोद लेकर वहां की स्वास्थ्य समस्याओं को दूर करने का बीड़ा उठाया है। पाहंदा गांव को गोद लेने से पहले एसआरआईपी के स्टूडेंट्स ने रैली निकालकर गांव में स्वास्थ्य जागरूकता का संदेश दिया और स्वच्छता अपनाने का संकल्प दिलाया। उसके बाद गांव के सामुदायिक भवन में पाहंदा की सरपंच श्रीमती भारती वर्मा को स्मृति चिन्ह और प्रशस्ति पत्र भेंटकर गांव को गोद लेने में किये गए सहयोग के लिए सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर श्री रावतपुरा सरकार इंस्टीट्यूट कुम्हारी के निदेशक एम.के. श्रीवास्तव, एसआरआईपी की प्रिंसिपल डॉ. चंचलदीप कौर, एमटीसीएन की प्रिंसिपल के. दीपा और अन्य शैक्षणिक स्टाफ के अलावा स्टूडेंट्स मौजूद रहे। संस्थान की इस अनूठी पहल का ग्रामीणों ने तहे दिल से स्वागत किया है। ग्रामीणों ने कहा कि गांव में मलेरिया, डेंगू, वायरल बुखार, डायरिया और दूसरी स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बनी रहती हैँ। ऐसे में गांव में आकर लोगों के इलाज करने और उन्हें समय-समय पर जागरूक करते रहने वाले किसी सहायक की महती आवश्यकता महसूस की जा रही थी। एसआरआईपी ने गांव की इस समस्या को खुद ब खुद संज्ञान लेकर दूर करने का जो बीड़ा उठाया है वो काबिले तारीफ है।
पाहंदा को गोद लेने के बाद एसआरआईपी संस्थान गांव में हर सप्ताह अपना फार्मा स्टूडेंट्स को भेजकर लोगों के स्वास्थ्य की जांच- पड़ताल करेगा। गांव की साफ-सफाई और पेयजल में फैले प्रदूषण आदि की समय-समय पर जांच करेगा। ग्रामीणों को मुफ्त में दवाइयां औऱ जरूरी चिकित्सीय उपकरण प्रदान करेगा। ताकि लोग दवाई पास में रहने पर जरूरत होने पर समय पर इलाज पा सकें।
एसआरआईपी के इस कदम में ग्रामीणों का पूरा सहयोग दिलाने का भरोसा पाहंदा की सरपंच श्रीमती भारती वर्मा ने दिया। गौरतलब है कि पाहंदा गांव मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का भी पैतृक गांव है। हालांकि अब उनका परिवार वहां नहीं रहता है लेकिन उनके अन्य सगे-संबंधी आज भी पाहंदा गांव में ही रहते हैँ। पाहंदा गांव में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का फार्म हाउस भी है जहां वे अक्सर आते-जाते रहते हैं।
