कितनी होती हैं IPS अफसरों की सैलरी, क्या आप जानते है ?

भारत में हर साल लाखों छात्र-छात्राएं संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) परीक्षा देते हैं, लेकिन कुछ हजार छात्रों को ही सफलता मिलती है. यूपीएससी पास करने के बाद ही भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के अधिकारियों का चयन होता है, जिनकी जिम्मेदारी कानून-व्यवस्था सुनिश्चित करने की होती है. अक्सर लोग यह जानना चाहते हैं कि एक आईपीएस अफसर की सैलरी (IPS Officer Salary) कितनी होती है और उन्हें अन्य क्या-क्या सुविधाएं मिलती हैं.
आखिर कितनी मिलती है IPS अफसर की सैलरी?
स्कूपवूप की रिपोर्ट के अनुसार, एक आईपीएस अफसर (IPS Officer) को 7वें वेतन आयोग के अनुसार 56100 रुपये वेतन मिलता है. साथ ही इसके अलावा आईपीएस अधिकारियों को महंगाई भत्ता समेत कई प्रकार के भत्ते भी दिए जाते हैं. वहीं अगर कोई अधिकारी डीजीपी के पद पर पहुंच जाता है तो उसको करीब 2 लाख 25 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन मिलता है. डीजीपी के पद पर तैनात अधिकारी को सबसे ज्यादा सैलरी मिलती है.

IPS को किस पद पर मिलती है कितनी सैलरी?
- डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस- डीएसपी (DSP) पद पर एक IPS अधिकारी को 56 हजार 100 रुपये सैलरी मिलती है.
- एडिशनल सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस- एएसपी (ASP) को 67 हजार 700 रुपये सैलरी मिलती है.
- सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस- एसपी (SP) के पद पर पहुंचने के बाद आईपीएस अधिकारी को 78 हजार 800 रुपये वेतन मिलता है.
- सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस- एएसपी (SSP) की सैलरी 1 लाख 18 हजार 500 रुपये होती है.
- डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस- डीआईजीपी (DIGP) के पोस्ट पर पहुंचने के बाद एक आईपीएस अधिकारी को 1 लाख 31 हजार 100 रुपये मासिक सैलरी मिलती है.
- इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस- आईजीपी (IGP) के पद पर जाने के बाद आईपीएस अधिकारी की सैलरी 1 लाख 44 हजार 200 रुपये हो जाती है.
- एडिशनल डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस- एडीजीपी (ADGP) की सैलरी 2 लाख 5 हजार 400 रुपये सैलरी होती है.
- डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस- डीजीपी (DGP) के पद पर तैनात अधिकारी को सबसे ज्यादा सैलरी मिलती है और मासिक वेतन 2 लाख 25 हजार रुपये होता है.

कानून व्यवस्था कायम करते हैं आईपीएस अधिकारी
इंडियन पुलिस सर्विस (IPS) के तहत चयनित अधिकारी कानून व्यवस्था बनाए रखने का काम करते हैं. इन्हें एसपी से लेकर डीआईजी, आईजी, डीजीपी के रूप में प्रमोशन मिलता है. देश बेग कानून को सही तरीके से लागू कराने का काम आईपीएस अधिकारी ही करते हैं. इसके लिए आईपीएस अधिकारियों को कड़ी ट्रेनिंग से गुजरना होता है.
